जानिए क्या होता हैं यो यो टेस्ट

आप सभी जानते है कि दुनिया में फुटबॉल के बाद सबसे लोकप्रिय खेल अगर कोई है तो वो क्रिकेट ही है. क्रिकेट लगभग 100 से भी ज्यादा सालों से खेला जाता आ रहा है. एक समय इसमें सिर्फ 2 टीम ही खेला करती थी लेकिन धीरे-धीरे टीमे बढती गई और बढ़ते-बढ़ते 10 हुई और आज 12 टीमें हो चुकी है जो कि टेस्ट राष्ट्र का दर्जा पा चुकी है. YoYo Test And Its Rules

क्रिकेट खेल फुर्तीले खिलाडियों का खेल माना जाता है. क्रिकेट से फुर्तीलेपन का सीधा सम्बन्ध फील्डिंग से है लेकिन कुछ सालों पहले तक क्रिकेट को सिर्फ बोलिंग और बेटिंग का खेल माना जाता था. खिलाडी कुछ तो भी प्रकार से खेलते थे लेकिन अगर आपको आज किसी भी इंटरनेशनल टीम में सेलेक्ट होना है तो आपको फिट होना ही पड़ेगा और सिर्फ दिखने से ही फिट नहीं होना है आपको फुर्तीला भी होना पड़ता है.

हर नए-पुराने खिलाडी को किसी भी टीम में चयनित होने से पहले एक टेस्ट देना पड़ता है. जिसमे खिलाडी की फुर्ती का पता चलता है कि वो अच्छा फील्डर है या नहीं. इस टेस्ट का नाम यो यो टेस्ट है जो कि भारतीय खिलाडियो को देना पड़ता है.

क्या है योयो टेस्ट :

योयो टेस्ट में एक समतल मैदान में 20 मीटर की दूरी पर दो कोण रखे जाते है. इसके बीच खिलाडी को दौड़ना पड़ता है इसमें एक बीप बजती है और खिलाडी को एक छोर से दौड़ना शुरू करना होता है और दूसरी बीप बजने से पहले खिलाडी को दुसरे छोर पर पहुँचना पड़ता है. इसके बाद खिलाडी को तीसरी बीप बजने के साथ ही उसे फिर से पलट कर पहले छोर पर आना होता है इसे अंग्रेजी में शटलिंग कहा जाता है.

कोई भी खिलाडी स्पीड स्तर 5 से अपना दौड़ना शुरू करते है. उसके बाद अगला गति स्तर 9 है इसमें भी एक शटल है जबकि 12 स्तर में 3 शटल और स्तर 13 में 4 शटल होते है. इसी प्रकार चौदवे स्तर से आगे हर स्तर पर 8 शटल रहते है स्तर 23 किसी भी यो यो परिक्षण में सबसे उच्त्तम गति स्तर है. इस स्तर को कोई भी खिलाडी छूने में असमर्थ है.

हर शटल में आपस में 40 मीटर की दूरी होती है तय दूरी हर स्पीड लेवल पर कवर की गई दूरी का एक हिस्सा है. खिलाडी अगर अपनी क्षमता दिखाने में या अगर योयो टेस्ट के किसी राउंड में पहली बार गिर जाता है या बाधित हो जाता है तो उसे सँभलने के लिए 10 सेकंड का समय मिलता है और उसे एक चेतावनी भी दी जाती है कि अगर वो दूसरी बार फिर से असफल हुआ तो उसे निष्काषित कर दिया जाएगा.

दुसरे कोण तक पहुँचने के लिए उसे फिर से बीप से पहले ही पहुँचाना पड़ता है जैसे-जैसे ही स्तर बढ़ता है वैसे-वैसे खिलाडी को दिया गया टाइम कम होने लग जाता है जिसका मतलब होता है कि खिलाडियो को दौड़ने में और तेज़ होना पड़ता है और कोने तक जल्दी पहुंचना पड़ता है. किसी भी खिलाडी को 3 बार तक ही मौका मिलता है.

यो यो टेस्ट का विडियो :

यो यो टेस्ट किस तरह से दिया जाता हैं आप यह विडियो देखकर भी अच्छे से समझ सकते हैं.

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