इन चीजों को घर में रखने से कभी नहीं आएगी धन की कमी

जिस घर का वास्तु दोष ख़राब होता है वहां कई तरह की परेशानियाँ आने लगती हैं इनमे वास्तु दोष की वजह से गरीबी का आना पैसों का जल्दी खर्च होना बड़ी कॉमन समस्या है इस समस्या को दूर करने के लिए आज हम आपको कुछ ऐसी चीज़ों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें घर में रखने पर आपको कभी आर्थिक तंगी का सामना नही करना पड़ता है तो चलिए जानते हैं कौन सी हैं ये चीज़ें…. keep these things in your house for money

जीवन में कुछ चीजों को बेहद शुभ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार ये चीजों को घर में रखा जाए तो न पैसों की कमी रहती है बल्कि सुख-सम्पन्नता और समृद्धि भी प्रचुर मात्रा में मिलती है-

गणेश मूर्ती :

घर में जब भी कोई नया कार्य शुरू किया जाता है तो सबसे पहले गणेशजी की पूजा की जाती है ऐसा कहा जाता है कि सबसे पहले गणेश वंदना करने से कोई भी काम बिगड़ता नहीं है और उसमे फ़ायदा ही फ़ायदा होता है इसलिए हम सभी को घर में कम से कम एक गणेश मूर्ती अवश्य रखना चाहिए इस मूर्ती को घर में विराजित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखे कि गणेशजी ऐसी जगह पर रखे हों जहाँ से उनकी दृष्टि घर के मुख्य द्वार पर पढ़े ऐसा करने से घर में लक्ष्मी जल्दी आती है और कभी धन की कमी नहीं होती है।

बाँसुरी :

घर में बाँसुरी रखना शुभ माना जाता है वास्तुशास्त्र के मुताबिक घर में बाँसुरी रखने से सभी तरह के वास्तु दोष दूर होते हैं वहीँ दूसरी मान्यता ये है कि घर में चाँदी की बाँसुरी रखने से घन की कभी कोई कमी नहीं होती है ऐसा कहा जाता है कि लक्ष्मीजी को चाँदी की बाँसुरी प्रिय होती है इसलिए जिस घर में ये होती है वहां लक्ष्मीजी जल्दी आती है यदि कोई चाँदी की बड़ी बाँसुरी नही रख सकते तो छोटी सी बाँसुरी भी चलेगी।

अंडाकार सफेद पत्थर :

अंडाकार सफेद पत्थर घर में होना चाहिए। यह पत्थर संगमरमर या किसी ठोस सफेद पत्थर का भी हो सकता है। इसे कुछ लोग अपनी जेब में भी रखते हैं। इस तरह के पत्थ र को रखने का चमत्कारिक लाभ मिलता है। धन और समृद्धि के रास्ते फटाफट खुलते हैं और मानसिक शांति भी बनी रहती है। कहते हैं कि घर में स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करना भी समृद्धि की दृष्टि से श्रेष्ठ है।

पिरामिड :

कई तरह के पिरामिड खरीदकर लाइए जिसका अलग अलग तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार पिरामिड की आकृति उत्तर-दक्षिण अक्ष पर रहने की वजह से यह ब्रह्मांड में व्याप्त ज्ञात व अज्ञात शक्तियों को स्वयं में समाहित कर अपने अंदर एक ऊर्जायुक्त वातावरण तैयार करने में सक्षम है, जो जीवित या मृत, जड़ व चेतन सभी तरह की चीजों को प्रभावित करता है।

जोडीदार चीजें :

घर में कोई भी चीज रखें तो वो जोडे से हो। मोर, गाय, हंस, बत्तख, हिरण जैसे अच्छे अहिंसक पशुओं के चित्र या मूर्ति रखने का भी चमत्कारिक लाभ मिलता है। इससे जहां दांपत्य जीवन सुखमय बनता है, वहीं यह भाग्य को जगाने वाला भी रहता है। कुछ वास्तुशास्त्री मानते हैं कि इन चित्रों या मूर्ति का मुंह एक-दूसरे की तरफ होना चाहिए। वास्तुशास्त्र में हंस या हिरण के जोड़ों को रखने के और भी लाभ बताए गए हैं। इससे धनागम के योग बनने लगते हैं।

लकड़ी का प्राकृतिक फूल :

यह फूल अक्सर दक्षिण भारत में पाया जाता है। इसे आप थोड़ी देर पानी में रखेंगे तो यह पूरी तरह से खिल जाएगा। फिर आप इसे किसी गुलदस्ते में रख सकते हैं। जैसे-जैसे यह सूखेगा, वैसे-वैसे यह अपनी पंखुड़ियों को भी बंद करते जाएगा। यह एक चमत्कारिक फूल है। यह वर्षों तक ऐसा ही चलता रहता है। इसे पानी में रखें तो ‍यह फिर खिल उठेगा। इसकी पंखुड़ियां किसी लकड़ी जैसी लगती हैं। इसके घर में रहने से सकारात्मक ऊर्जा रहती है और पैसों की भी बढोतरी होने लगती है।

दक्षिणावर्ती शंख :

ये शंख घर के वास्तुदोष को दूर करने का काम करता है इतना ही नही इस शंख को संध्या के समय बजाने से घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है इस शंख की ध्वनी से घर की साड़ी नकारात्मक ऊर्ज़ा बाहर चली जाती है घर के लिए शंख लेते समय इस बात का ध्यान जरुर रखें की शंख दक्षिणावर्ती ही हो. इसका कारण यह है कि दक्षिणावर्ती शंख लक्ष्मी माँ के प्रिय होते हैं जिस घर में इस शंख को बजाया जाता है वहां लक्ष्मी दौड़े चली आती है शंख को ज्यादा असरदार बनाने के लिए इसे पूजा स्थल में लाल कपड़े में लपेटकर रखें और नियमित इसकी पूजा भी करें।

मछली :

ऐसा कहा जाता हैं कि घर या ऑफिस में मछली रखने से सकारात्मक ऊर्जा आती हैं और वहां कभी किसी को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता हैं. मछली को पानी के टैंक यानी एक्वेरियम में रखते समय इस बात का ध्यान रखे कि इसके अन्दर पूरी 9 मछलियाँ होनी चाहिए. साथ ही घर के किसी एक व्यक्ति को ही इन मछलियों को हमेशा खाना खिलाना चाहिए।

 

Written by Anil

Content Writer

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *