इस खतरनाक बीमारी से ग्रस्त थे मुनिश्री, खुद दिल्ली जैन समाज के अध्यक्ष ने किया कंफर्म

‘कड़वे प्रवचन’ देने वाले मुनि तरुण सागर का गाजियाबाद के मुरादनगर में दाह संस्कार किया गया, उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में देशभर से आए श्रद्धालु शामिल हुए। अंतिम यात्रा राधेपुरी से शुरु हुई जो शाहदरा, दिलशाद गार्डन होते हुए दोपहर बाद उत्तर प्रदेश के मुरादनगर स्थित जैन आश्रम में समाप्त हुई। राष्ट्र संत का पार्थिव शरीर लकड़ी के डोले पर रखा हुआ था, जिसे लोगों ने अपने कांधों पर उठाया हुआ था।

जैन मुनि तरुण सागरजी का 51 साल की उम्र में निधन हो गया। अभी भले ही उनकी मौत का कारण पीलिया बना है लेकिन इसके पहले भी वे एक गंभीर बीमारी का शिकार हो चुके हैं। दिल्ली जैन समाज के अध्यक्ष चक्रेश जैन ने बताया कि करीब 6-7 साल पहले उन्हें चातुर्मास के दौरान सिर में बहुत तेज दर्द की समस्या हुई थी। तब वे सूरत में थे। उसी समय उन्हें कैंसर होने का पता चला था। हालांकि उन्होंने इसका कभी अलग से कोई ट्रीटमेंट नहीं करवाया। इसके लिए हॉस्पिटल में एडमिट भी नहीं हुए। अपने तप, योग, दिनचर्या की दम पर उन्होंने खुद को ठीक कर लिया था। बाद में कभी कैंसर बढ़ने की बात सामने नहीं आई।

अभी उनकी मौत की वजह पीलिया बढ़ने के कारण हुई। जैन मुनि ने अपना इलाज करवाने से मना कर दिया था और अपने अनुयायियों के साथ गुरुवार शाम को दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित राधापुरी जैन मंदिर चातुर्मास आ गए थे। उन्होंने दिल्ली के शाहदरा के कृष्णानगर में शनिवार सुबह 3:18 बजे अंतिम सांस ली।

पब्लिक हेल्थ में मास्टर करने वाली अमेरिका की डॉ Laura J. Martin ने कैंसर के कॉमन संकेतों के बारे में बताया है। जिन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए। अगर आपको ऐसे सिम्प्टम दिखें तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। ताकि समय रहते आप अच्छा ट्रीटमेंट ले सकें।

कौन से संकेतों को नहीं करना चाहिए इग्नोर

स्किन पर स्पॉट दिखाई देना

स्किन पर स्पॉट दिखाई देना और उनका साइज और कलर चेंज होना स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है। अगर आपका बॉडी पर अलग तरह के निशान या मार्क बन रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। वो आपकी बॉडी को एक्जामिन करके आपको सही रिलज्ट बता देंगे। इसमें कैंसर सेल का पता करने के लिए बायोप्सी की जा सकती है।

सुस्ती या थकावट रहना

थकान रहने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन ये कुछ कैंसर जैसे ल्यूकोमिया, कोलोन और पेट का कैंसर होने का यह पहला संकेत है। अगर आपको हमेशा थकान महसूस होती है और रेस्ट करने पर भी नहीं जाती तो डॉक्टर से मिलें।

लगातार कफ रहना

अगर आप स्मोकिंग नहीं करते हैं तो कफ आना कैंसर का संकेत नहीं हो सकता। लेकिन स्मोकिंग करने वाले लोगों को कफ के साथ खून आना कैंसर हो सकता है। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

पेट फूलना

डाइट या स्ट्रेस की वजह से पेट फूला फील होना अगल बात है लेकिन अगर इसके साथ आपको सुस्ती, वेट लॉस और बैक पेन हो रहा है तो डॉक्टर से कंसल्ट करें। महिलाओं में लगातार ब्लॉटिंग होना ओवेरियन कैंसर का संकेत होता है।

गले में सूजन

गले, आर्मपिट और बॉडी की दूसरी जगहों पर बीन शेप के ग्लैंड होते हैं। इनमें सूजन आने का मतलब होता है कि आप किसी इंफेक्शन से लड़ रहे हैं। कुछ कैंसर जैसे lymphoma और leukemia का कारण भी इस तरह की सूजन होती है। इसलिए डॉक्टर से कसल्ट करना जरूरी है।

टॉयलेट में ब्लड आना

अगर टॉयलेट जाने के बाद आपको ब्लड दिखाई दे रहा है तो तुरंत डॉक्टर से बात करनी होगी। पॉट्‌टी में ब्लड आने के कई दूसरे कारण भी होते हैं लेकिन ये कोलोन कैंसर का भी संकेत है।

यूरिन में प्रॉब्लम होना

बढ़ती उम्र में यूरिन में कई प्रॉब्लम्स आती हैं जिनमें बार-बार यूरिन आना, यूरिन लीक हो जाना। कई बार ये प्रोस्ट्रेट के बढ़ जाने के कारण होते हैं। लेकिन ये प्रोस्टेट कैंसर का भी कारण बन जाते हैं। ऐसे में डॉक्टर स्पेशल ब्लड टेस्ट करवाते हैं जिसे PSA कहते हैं।

निगलने में तकलीफ होना

कॉमन कोल्ड होना नेचुरल है लेकिन अगर ये लंबे समय तक ठीक न हो तो डॉक्टर को दिखाएं ये गले के कैंसर का संकेत हो सकता है।

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