लोग मानते थे ‘जीवित भगवान’, स्वामी शिवकुमार के बारे में रोचक तथ्य

कर्नाटक में तुमकुरु स्थित सिद्धगंगा मठ के प्रमुख डॉ. शिवकुमार स्वामी का 111 साल की उम्र में न‍िधन हो गया है. वे लंबे समय से बीमार थे और उनका मठ में ही इलाज चल रहा था. उनके निधन के बाद राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है. इसके अलावा कल पूरे राज्य में सरकारी छुट्टी रहेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर शिवकुमार स्वामी को श्रद्धांजलि दी.

वॉकिंग गॉड (जीवित भगवान) कहे जाने वाले शिवकुमार स्वामी का जन्म 1 अप्रैल, 1907 को कर्नाटक के रामनगर जिले वीरपुरा गांव में हुआ था। डॉ. शिवकुमार स्वामी कर्नाटक के तुमकुर के सिद्धगंगा मठ के प्रमुख संत थे। लिंगायत समुदाय का ये मठ 300 साल पुराना है। अनुयायियों के बीच 12वीं शताब्दी के समाज सुधारक बसावा के अवतार के रूप में लोकप्रिय शिवकुमार स्वामी सिद्दगंगा एजुकेशन सोसायटी के प्रमुख भी थे, जो राज्य में लगभग 125 शैक्षणिक संस्थानों, इंजिनियरिंग कॉलेजों से लेकर बिजनस स्कूलों तक का संचालन करता है।

कर्नाटक के 30 जिलों में लिंगायत समुदाय के मठ का प्रभुत्व है। लिंगायत समुदाय कर्नाटक की राजनीति में भी काफी महत्व रखता है। राज्य के कुल वोटरों में इस समुदाय के वोटरों का हिस्सा 18 प्रतिशत है और प्रदेश की 100 से ज्यादा सीटों पर इनका सीधा प्रभाव है। शायद यही वजह है जो बड़े से बड़े नेता शिवकुमार स्वामी के सामने सिर झुकाते थे। राज्य में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के शीर्ष नेता मठ में स्वामी शिवकुमार से मुलाकात करने पहुंचे थे। अमित शाह से लेकर राहुल गांधी और पीएम मोदी तक सभी ने स्वामी से मुलाकात की और चुनाव में जीत के लिए उनका आशीर्वाद लिया था।

भारत रत्न की मांग :

पिछले ही हफ्ते कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी ने शिवकुमार स्वामी के लिए देश के सबसे उच्च सम्मान भारत रत्न की मांग की थी, ताकि समाज में उनके द्वारा किए गए काम को सम्मान मिल सके। इससे पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और जगदीश शेट्टार भी उन्हें भारत रत्न देने की मांग कर चुके हैं। साल 2007 में उनके 100वें जन्मदिन पर तत्कालीन कर्नाटक सरकार ने शिवकुमार स्वामी को राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘कर्नाटक रत्न’ से नवाजा था। साल 2015 में भारत सरकार ने शिवकुमार स्वामी को पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

लंग इन्फेक्शन हो गया था :

आपको बता दें कि स्वामीजी का 8 दिसंबर को एक ऑपरेशन हुआ था जिसके बाद उन्हें लंग इन्फेक्शन हो गया था। तब से वह बीमार रहने लगे थे। उनका ऑपरेशन बाइल और लिवर में हुए इन्फेक्शन के लिए किया गया था। हाल ही में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था और वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। उनके डॉक्टर परमेश्वर ने उनके अनुयायियों से शांत रहने की अपील की थी। उन्होंने बताया था कि स्वामीजी की हालत गंभीर बनी हुई है और बेहतर इलाज के लिए दूसरों डॉक्टरों से बात भी की जा रही थी।

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