शरीर के इन स्थानों पर दबाने से ही ठीक हो जाते हैं अनेक रोग

एक्यूप्रेशर विधि में शरीर में कुछ ख़ास बिंदुओ को दबाया जाता है जिससे रोग का इलाज होता है। हमारे शरीर में हजारो नसे, धमनियाँ, मांसपेशियाँ, स्नायु, हड्डियाँ होती है। इसने मिलकर ही हमारा शरीर बना होता है। कई बार कुछ पॉइंट्स पर खून का संचरण सही से नही हो पाता है। जिसे दबाने से फिर से वो खुल जाता है और सही तरह से काम करने लगता है। Acupressure Points In Body

एक्यूप्रेशर विधि को आम भाषा में “दवा से नही, दबाकर इलाज” करना कहते है। कुछ खास बिंदुओ को दबाने से सम्बन्धित रोग में बहुत लाभ पहुँचता है। उस रोग का निदान हो जाता है। उन ख़ास बिंदु को एक्यूप्वाइंट कहते हैं। इस चिकित्सा पद्धति की खोज चीन में 2000 साल पहले की गयी थी। अभी तक पूरे विश्वभर में हजारो लाखो लोग इसका फायदा उठा चुके है। अमेरिका, भारत, चीन, होंगकोग में यह पद्धति बहुत प्रचलित है। इस विधि में सम्बन्धित पॉइंट (बिंदु) को लगभग 1 मिनट तक ऊँगली और अंगूठे की मदद से दबाते हैं। हल्की मसाज देते हैं। रोगों का इलाज सिर्फ अंग्रेजी दवाओं या शल्यचिकित्सा से ही नही होता है। दूसरी कई विधियाँ है जिसके द्वारा रोगों का सफल इलाज किया जाता है। आज के लेख में हम इसी बात पर चर्चा करेंगे।

महत्वपूर्ण एक्यूप्रेशर पॉइंट्स :

पैरीकार्डियम (Pericardium point) :

यह पॉइंट हथेली से 1 इंच नीचे स्थित होता है। इसे दबाने से सीने में दर्द, पेट के रोग, बेचैनी, उल्टी, सर का दर्द जैसे रोगों में लाभ होता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाली उल्टी में भी लाभकारी है। कीमोथेरेपी और विकिरण के बाद आने वाली उल्टी, जी मिचलाने में भी लाभ पहुँचाता है। इसे आपको जरुर ट्राई करना चाहिये।

शेन मैन (Shen man point)

इसे Gateway of Heaven, स्वर्ग का द्वार भी कहा जाता है। यह पॉइंट कान के उपरी हिस्से में earlobe में स्तिथ होता है। इसे दबाने से तनाव दूर होता है, धूम्रपान की आदत छूट जाती है, इसे दबाने से सकारात्मक ऊर्जा पूरे शरीर में दौड़ती है। ऐलर्जी, चिंता, अवसाद, जैसी दिक्कतें दूर होती है। इसे अंगूठे और तर्जनी से दबाना चाहिये।

जॉइनिंग द वैली (Joining the valley point)

यह पॉइंट तर्जनी और अंगूठे के बीच स्थित होता है। इसे दबाने से विभिन्न प्रकार के दर्द जैसे- जोड़ो का दर्द, गर्दन का दर्द, दांत क दर्द, कंधा का दर्द, सर का दर्द, माइग्रेन दूर होता है। इसे दबाने से कब्ज में राहत मिलती है। जहरीले पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते है। दर्द के निवारण के लिए यह सबसे अच्छा बिंदु है

तीसरी आँख (Third Eye point)

यह बिंदु माथे पर दोनों भवों के बीच में स्थित होता है ठीक उसी जगह जहाँ स्त्रियाँ बिंदी लगाती है। इसे दबाने से थकान दूर होती है। इसके अलावा- नींद दिलाने में सहायक है। याददास्त को बढ़ा देता है, सिर के दर्द को दूर करता है, आँखों में होने वाले दर्द को दूर करता है। मानसिक शांति प्रदान करता है।

सी ऑफ़ ट्रेंक्वालिटी (Sea of Tranquility point)

यह पॉइंट सीने के बीचो बीच स्थित होता है। इसे दबाने से कई प्रकार की व्याधियाँ दूर होती है जैसे- बेचैनी, घबराहट, चिंता, थकान, भावनात्मक समस्यायें। इसे दबाने से मन में उठने वाले नकारात्मक विचार खत्म हो जाते है। इसे करने के लिए सीधा खड़े हो, रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे, दोनों हाथ के अंगूठे को मिलाकर दबा सकते है।

सैकरल प्वाइंट्स ( Sacral Points )

ये पॉइंट कमर में उपर की ओर टेल बोन में स्थित होता है। इसे दबाने से पेल्विस में खून का संचरण सही होता है। माहवारी के दर्द को दूर करता है, गर्भाशय को आराम देता है।

हेवनली पिलर (Heavenly Pillar point)

यह पॉइंट गर्दन के पीछे वाले भाग में स्थित होता है जहाँ गर्दन और खोपड़ी आपस में जुडती है। आजकल के आधुनिक दौर में कम्प्यूटर, मोबाइल पर लोग घंटे घंटे काम करते है जिससे गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है। इस पॉइंट को दबाने से गर्दन दर्द में बहुत लाभ मिलता है।

बिगर रशिंग (Bigger Rushing point)

यह पॉइंट पैरों में बड़ी ऊँगली और अंगूठे के बीच में लगभग 2 इंच नीचे स्थित होता है। इसे दबाने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इस बिंदु को तर्जनी की मदद से दबाना चाहिये और दबाते हुए आधा इंच उपर बढ़ना चाहिये। फिर दूसरे पैर के बिगर रशिंग पॉइंट को दबाना चाहिये।

लेग थ्री माइल्स (Leg Three Miles)

यह पॉइंट घुटनों से करीब 3 इंच नीचे स्थित होता है। इसे दबाने से पेट के बहुत सारे रोग दूर होते है जैसे- अपच, कब्ज, गैस की समस्या, पेट फूलना, डायरिया, उल्टी- दस्त आदि। इस बिंदु को दबाने से खून का संचरण अच्छा होता है, स्टेमिना बढ़ता है, सेहत में निखार आता है।

कमांडिंग मिडिल (Commanding Middle Point)

यह पॉइंट घुटनों के ठीक पीछे स्थित होता है। इसे दबाने से गठियाबाई (आर्थराइटिस), कुल्हा का दर्द, कमर दर्द और अकड़न, पीठ का दर्द, साइटिका में फायदा होता है। इस बिंदु को आराम से 1 मिनट तक दबाये। फिर दूसरे पैर के कमांडिंग मिडिल पॉइंट को दबाये।

एक्यूप्रेशर विधि के लाभ :

  • कोई खर्च नही है जिससे कोई भी गरीब रोगी भी इसका लाभ ले सकता है
  • इसमे किसी तरह की सर्जरी नही की जाती है, इसलिए घबराने की जरूरत नही होती है
  • इस विधि का कोई साइडइफेक्ट नही है
  • यह यौन शक्ति को बढ़ाता है
  • झुर्रियों को दूर करता है, चेहरे में निखार लाता है
  • पीठ में दर्द, तनाव, अवसाद, शरीर में हर तरह के दर्द को दूर करता है। भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है।
  • नकारात्मक विचारों को दूर करता है, सकारात्मक विचार लाता है।
    अगर आपको दवा की गोलियां खाना पसंद नही है तो यह विधि सबसे अच्छी है

दोस्तों, अनेक लोगो को रोगों के उपचार के लिए अंग्रेजी कड़वी दवाइयाँ खाना पसंद नही होता है। वो बहुत महंगी भी होती है। आज के दौर में भले ही अंग्रेजी दवाइयाँ बहुत प्रचलित हो गयी है पर हर दवा का कोई न कोई साइडइफेक्ट होता है। ऐसी स्थिति में मरीजों को एक्यूप्रेशर तकनीक से अपने रोगों का उपचार करना चाहिए। आज के लेख में हमने आपको प्रमुख एक्यूप्रेशर पॉइंट्स में बताया है। ये लेख आपको कैसा लगा, कमेन्ट करके जरुर बतायें।

Written by Anil

Content Writer

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